भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदायों के अमूल्य योगदान के स्मरण का दिन है। आदिवासी समुदाय श्री बिरसा मुंडा को अपना भगवान मानते हैं। इस दिन का उद्देश्य जनजातीय नायकों, उनकी संस्कृति और विरासत का उत्सव मनाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनके बलिदानों और योगदानों के बारे में जान सकें। यह दिन सरकार और जनता को जनजातीय लोगों की समस्याओं और उनके योगदानों के बारे में जागरूक करने का भी एक माध्यम है।
इसी उद्देश्य से विस्तार प्रभाग, भा॰ वा॰ अ॰ शि॰ प॰ – वन अनुसंधान संस्थान, देहारादून द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की 150वी जयन्ती को जन जातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने के लिए संस्थान के दीक्षांत गृह में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें भगवान बिरसा मुंडा के जीवन परिचय तथा उनके जन जातीय समुदाय के प्रति समर्पण पर प्रकाश डाला गया तथा भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। भगवान बिरसा मुंडा के जीवन परिचय तथा उनके द्वारा जन जातीय समुदाय के उत्थान के लिए किए सराहनीय कार्यों से संबन्धित सभी वैज्ञानिकों, अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा प्रभागीय स्तर पर लघु फिल्म का दृष्टावलोकन भी किया गया।
कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी तथा वन अनुसंधान संस्थान सम विश्वविद्यालय के छात्रों सहित लगभग 250 प्रतिभागी शामिल हुए।










