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समाचार और कार्यक्रम

वन मृदा एवं भूमि सुधार प्रभाग द्वारा एक अल्प कालीन प्रषिक्षण कार्यक्रम “उत्पादन प्रणाली के लिए मिट्टी का निदान” दिनांक 09 जनवरी से 11 जनवरी 2017 तक आयोजित किया गया था जिसमें विभिन्न सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों व कार्यालयों से आए हुए पंद्रह प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया था।

वन मृदा एवं भूमि-सुधार

कार्यालय का सामान्य परिचय

वन मृदा एवं भूमि सुधार प्रभाग का गठन मृदा अनुभाग, संवर्धन प्रभाग के अंतर्गत वर्ष 1938 में हुआ था। पहले यह प्रभाग उत्तरी वन रेंजर काॅलेज भवन में स्थित था। वर्ष 1972 में मृदा अनुभाग का रूपांतरण वन मृदा शाखा में हुआ व नए भवन में स्थानांतरित किया गया जहाँ पर यह वर्तमान में स्थित है। यह शाखा मृदा की भौतिक व रासायनिक अनुसंधान हेतू समर्पित है। वर्ष 1975 में जब वन मृदा एवं वनस्पति सर्वेक्षण ;व0मृ0व0स0द्ध, एक केंद्रीय सेक्टर पद्धति ;ब्.3द्ध कार्यन्वित की गई तब मृदा अनुभाग ने दो स्वतंत्र समूह (मृदा अनुभाग व व0मृ0व0स0) के तौर पर उस समय कार्यरत कर्मचारियों व सुविधाओं के अनुरूप कार्य करना षुरू कर दिया। वर्ष 1984 तक वन मृदा एवं वनस्पति सर्वेक्षण ;व0मृ0व0स0द्ध पद्धति ने एक समन्वयक के अंतर्गत स्वतंत्र रूप से अपना कार्य कार्यन्वित किया। वर्ष 1989 में वन पारिस्थितिकी शाखा का विलय मृदा अनुभाग में कर दिया गया व वन पारिस्थितिकी और संरक्षण प्रभाग का गठन हुआ। वर्ष 1990 में वन पारिस्थितिकी शाखा को पारिस्थितिकी और पर्यावरण प्रभाग के रूप में अलग कर दिया गया व मृदा अनुभाग का गठन वन मृदा एवं भूमि सुधार प्रभाग के रूप में किया गया।

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